‘खेलो इंडिया’ की भावना संग सजा गुरुकुल सींथल का वॉलीबॉल महोत्सव
बीबीएन,बीकानेर, 27 अक्टूबर। जब खेल मैदानों में उमंग और अनुशासन का संगम होता है, तो वह दृश्य किसी पर्व से कम नहीं लगता। यही दृश्य देखने को मिला गुरुकुल बी.एल. मोहता लर्निंग इंस्टिट्यूट, सींथल में, जहां वॉलीबॉल महाकुंभ 2025 ने ग्रामीण भारत की धरती को खेलों की नई ऊर्जा से भर दिया।
चमकती दूधिया रोशनी, गूंजते नारे और हर सर्व के साथ बढ़ता रोमांच , इस महाकुंभ के चौथे दिन गुरुकुल परिसर खेल भावना का जीवंत प्रतीक बना रहा। देशभर की 64 से अधिक टीमों ने भाग लिया, जिनमें इंडियन ऑयल, एसबीआई, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, दिल्ली और चंडीगढ़ जैसी प्रमुख टीमें शामिल थीं।
पासिंग बॉल वर्ग में चंडीगढ़ की टीम विजेता रही, जबकि शूटिंग बॉल में दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन कर जीत दर्ज की। पुरुष वर्ग में ऑयल इंडिया जोधपुर और एसबीआई जयपुर के बीच फाइनल मुकाबला देखने लायक रहा। विजेता टीमों को क्रमशः ₹51,000, ₹31,000 और ₹11,000 की पुरस्कार राशि के साथ ट्रॉफियां प्रदान की गईं संस्थान की प्राचार्य डॉ. सरोज राठौड़ ने कहा कि “गुरुकुल सींथल ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का प्रयास कर रहा है। खेल मंत्री के.के. विश्नोई के मार्गदर्शन में शीघ्र ही यहां इंडोर व आउटडोर स्टेडियम निर्माण की योजना पर कार्य आरंभ होगा।”
स्वामी रामेश्वरानंद जी महाराज ने खिलाड़ियों को आशीर्वचन देते हुए कहा, “खेल शरीर को नहीं, आत्मा को भी अनुशासित करते हैं। यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।” पूर्व विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने कहा कि “गांव की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं। खेलो इंडिया जैसे अभियानों ने इन युवा खिलाड़ियों को नई पहचान दी है। गुरुकुल सींथल इस भावना को साकार कर रहा है।”
जैसे ही विजेता टीमों को सम्मानित किया गया, पूरा मैदान तालियों की गूंज और विजयी नारों से भर उठा। यह आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों की जीत का उत्सव था, बल्कि उस बदलते भारत का प्रतीक भी , जहां गांवों की मिट्टी से खेलों का स्वर्णिम भविष्य आकार ले रहा है।
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