बीबीएन, बीकानेर। देशभक्ति के अमर प्रतीक गीत “वन्दे मातरम्” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सप्त शक्ति कमान के अधीन जयपुर, बठिंडा, हिसार, श्रीगंगानगर, बीकानेर, कोटा सहित कई सैन्य स्टेशनों पर भव्य समारोह आयोजित किए गए। समारोह में अधिकारियों, जेसीओ, सैनिकों और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया।
जयपुर सैन्य स्टेशन पर दक्षिण पश्चिमी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरबिंदर सिंह वांद्रा ने सप्त शक्ति कमान लॉन में उपस्थित सभी रैंकों के साथ “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन किया। इसी तरह के समारोह कमान के अधीन सभी सैन्य ठिकानों पर एक साथ आयोजित हुए, जिसने राष्ट्र के प्रति एकता और सम्मान की भावना को जीवंत कर दिया।
1875 में बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत न केवल भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की धड़कन रहा है, बल्कि आज भी मातृभूमि के प्रति समर्पण और बलिदान की प्रेरणा देता है। सैनिकों और विद्यार्थियों द्वारा किया गया सामूहिक गायन इस गीत की शाश्वत भावना और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बना।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा एकता, अखंडता और राष्ट्र सेवा के प्रति संकल्प के साथ हुआ। समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है।
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