बीबीएन, नेटवर्क | महिला मंडल संस्था की विदेशी फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, संस्था को हाल के वर्षों में बाहरी स्रोतों से बड़ी राशि प्राप्त होने का संदेह था। इसी आधार पर ED की कई टीमें अचानक संस्था के मुख्य कार्यालय पहुंचीं और फंडिंग के स्रोत, उपयोग और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं में खर्च की गई रकम, फंडिंग के प्रवाह, बैंक रिकॉर्ड और संबंधित फाइलों की विस्तृत पूछताछ भी की। बाड़मेर में स्थित इस संस्था के निदेशक से भी कई घंटे तक जवाब–तलब किया गया।
चार घंटे से अधिक समय तक चले इस ऑपरेशन के दौरान ED ने उन परियोजनाओं के रिकॉर्ड भी मांगे, जिनमें पिछले वर्षों में भारी धनराशि खर्च दिखाई गई थी। जांच एजेंसी यह सत्यापित कर रही है कि विदेशी फंडिंग का उपयोग निर्धारित नियमों, एफसीआरए मानकों और वास्तविक परियोजनाओं के अनुरूप किया गया या नहीं।
1991 में स्थापित यह संस्था पश्चिमी राजस्थान के चार जिलों में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, स्वास्थ्य–पोषण, विकलांगता पुनर्वास, पशुपालन, जल–सैनिटेशन जागरूकता और ड्रॉपआउट लड़कियों की शिक्षा जैसे विषयों पर काम करती रही है। संस्था को राष्ट्रीय स्तर पर कई अवसरों पर सम्मान भी मिल चुका है और हाल ही में सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक स्थानीय कार्यक्रम में भी इसने भागीदारी निभाई थी।
ED की इस कार्रवाई ने शहर में चर्चा का माहौल बना दिया है। फिलहाल जांच टीमें मौके पर मौजूद हैं और दस्तावेजों की गहन पड़ताल जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, उपयोग किए गए धन में अनियमितता है या नहीं इसका स्पष्ट निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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