बीबीएन, बीकानेर। जिला पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जो टेलीग्राम के जरिए सक्रिय साइबर गिरोह के लिए कमीशन पर बैंक खातों में ठगी की रकम प्राप्त करते थे। आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेकबुक, 4 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड सहित कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच में अब तक करीब 68 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं, जबकि विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इन खातों से जुड़ी शिकायतें दर्ज मिली हैं।
साइबर अपराध पर बीकानेर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर थाना और जेएनवीसी थाना की संयुक्त टीम ने लंबे समय से सक्रिय एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया, जो साइबर ठगी की रकम को बैंक खातों के माध्यम से आगे पहुंचाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी साइबर गिरोह के सीधे सदस्य नहीं थे, बल्कि ठगी से प्राप्त राशि को अपने नियंत्रण वाले खातों में मंगवाकर आगे ट्रांसफर करते थे और बदले में निश्चित प्रतिशत कमीशन लेते थे।
फर्जी और किराये के खातों का इस्तेमाल
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह ने टेलीग्राम पर एक संगठित नेटवर्क बना रखा था। साइबर ठगी के बाद पीड़ितों से ठगी गई रकम पहले इन तथाकथित ‘म्यूल अकाउंट्स’ में जमा कराई जाती थी। इसके बाद मुख्य गिरोह बैंक खातों का विवरण साझा करता और आरोपी रकम को बताए गए खातों में स्थानांतरित कर देते थे। इस पूरी प्रक्रिया के बदले उन्हें लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था।
कई राज्यों से जुड़े मिले साइबर ठगी के तार
पुलिस जांच में जिन बैंक खातों का विश्लेषण किया गया, उनमें लगभग 68 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन सामने आए हैं। इन्हीं खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और उससे जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेकबुक, 4 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कर डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
पूछताछ में खुल रहे नेटवर्क के नए राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले कुछ महीनों से साइबर गिरोह के लिए बैंक खातों के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने का कार्य कर रहे थे। जांच एजेंसियां अब टेलीग्राम नेटवर्क, बैंक खातों की श्रृंखला और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की गहन पड़ताल कर रही हैं।





