⭕ जयपुर में ग्राम विकास अधिकारी और अकाउंटेंट ने दी जान
बीबीएन, नेटवर्क। पढ़े-लिखे और समझदार माने जाने वाले तबके में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि जब शिक्षित लोग भी जीवन से हार मान लेते हैं, तो एक सामान्य व्यक्ति अपने मनोबल को कैसे संभाले।
राजधानी जयपुर में दो दिन के भीतर दो सरकारी कर्मचारियों ने आत्महत्या कर ली। पहला मामला नारायण विहार थाना क्षेत्र का है, जहां 31 वर्षीय ग्राम विकास अधिकारी प्रवीण कुमार ने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का आरोप है कि विभाग के कुछ उच्च अधिकारियों द्वारा की गई लगातार प्रताड़ना के कारण प्रवीण ने यह कदम उठाया।
दूसरा मामला करणी विहार थाना क्षेत्र का है। यहां 56 वर्षीय अकाउंटेंट घासीलाल शर्मा, जो शासन सचिवालय में कार्यरत थे, ने गृह क्लेश से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने तीन पेज का सुसाइड नोट लिखा और उसे समाज के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट करने के बाद फंदे से झूल गए।
इन दोनों घटनाओं ने न केवल प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि यह भी दिखाया है कि मानसिक दबाव, कार्यस्थल का तनाव और पारिवारिक क्लेश अब सरकारी दफ्तरों की एक सामान्य सच्चाई बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आत्महत्याओं को रोकने के लिए मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम और अधिकारियों के बीच संवाद का माहौल बेहद जरूरी है।
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