बीबीएन,बीकानेर। बीकानेर जिले में ‘खेजड़ी बचाओ अभियान’ अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। आगामी 2 फरवरी को जिला मुख्यालय पर एक विशाल महापड़ाव और सभा का आयोजन किया जाएगा, जो अनिश्चितकाल तक चलेगा। आंदोलनकारियों का स्पष्ट मानना है कि हरे पेड़ों की कटाई किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह महापड़ाव तब तक जारी रहेगा, जब तक कि पेड़ों के संरक्षण के लिए मजबूत कानून नहीं बन जाता।
मुकाम में हुई महापंचायत के निर्णय के बाद इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए विश्नोई धर्मशाला में स्वामी सच्चिदानंद महाराज की मौजूदगी में एक बैठक आयोजित की गई। महापड़ाव संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान पर सभा होगी, जबकि अनिश्चितकालीन धरना विश्नोई धर्मशाला के सामने डाला जाएगा। जिला प्रशासन ने इस आयोजन और प्रदेश भर से आने वाले वनप्रेमियों के लिए पार्किंग की स्वीकृति दे दी है।
परसराम बिश्नोई ने कहा कि बिश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमियों की ताकत को कम नहीं आंका जा सकता। उन्होंने खेजड़ी की रक्षा में मां अमृता देवी के नेतृत्व में दिए गए 363 बलिदानों का स्मरण करते हुए कहा कि यह परंपरा आज भी संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा देती है। स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि खेजड़ी बचाओ अभियान अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई बन गया है। उन्होंने बताया कि इस बार मुकाम मेला एक तरफ तो नोखा में और दूसरा बीकानेर में महापड़ाव के रूप में लगेगा। प्रदेश के कई जिलों से साधु-संत और पर्यावरण प्रेमी इस आंदोलन में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
इस तैयारी बैठक में रामगोपाल बिश्नोई, सुभाष भांभू खारा, रिछपाल फौजी, विजयपाल डेलू, रामनिवास पूनिया, सहीराम पूनिया, ओपी खीचड़, हनुमानराम बेनीबाल, महीराम दिलोइया, शिवजी खीचड़, सुभाष धायल, अशोक गोदारा कानासर, राजेश गोदारा कानासर, भोमाराम भादू, रामरतन डेलू सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।


