बीबीएन, बीकानेर | बजरंग दल के सात दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में विश्व हिंदू परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं संघ के वरिष्ठ प्रचारक राजाराम ने कहा कि सनातन परंपरा की आत्मा “विविधता में एकता” है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू धर्म में मत, पंथ और संप्रदाय भले ही अनेक हों, परंतु मूल तत्व एक होने के कारण समूचा समाज एक सूत्र में बंधा है। राजाराम ने भारत की सांस्कृतिक निरंतरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व की अनेक प्राचीन सभ्यताएँ इतिहास में विलीन हो गईं, जबकि सनातन संस्कृति आज भी जीवंत, अमिट और समय की कसौटी पर खरी उतरी है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारतीय दर्शन की व्यापकता का उल्लेख करते हुए कहा कि जड़-चेतन में समन्वय और परस्पर स्वीकार्यता ही सनातन परंपरा की पहचान है। प्रशिक्षण वर्ग में संगठनात्मक अनुशासन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर भी विचार रखे गए। आयोजन में बजरंग दल व सहयोगी संगठनों के प्रांतीय और जिला स्तर के पदाधिकारी, प्रशिक्षक तथा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने युवाओं से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने, सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


