बीबीएन, नेटवर्क | बांग्लादेश की राजनीति की दिग्गज हस्ती और देश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह ढाका के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने सुबह करीब 6 बजे फज्र की नमाज के तुरंत बाद अंतिम सांस ली। खालिदा जिया बीते कई हफ्तों से गंभीर रूप से बीमार थीं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल और फेफड़ों में संक्रमण के बाद 23 नवंबर 2025 को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद लगातार 36 दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। बीएनपी ने अपने शोक संदेश में कहा कि पार्टी उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती है और देशवासियों से भी दुआ की अपील करती है।
खालिदा जिया लंबे समय से कई जटिल बीमारियों से जूझ रही थीं। उन्हें लिवर सिरोसिस, डायबिटीज, गठिया और किडनी, फेफड़े, दिल व आंखों से संबंधित पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं थीं। उनके इलाज के लिए कार्डियोलॉजिस्ट शाहबुद्दीन तालुकदार की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था, जिसमें बांग्लादेश सहित ब्रिटेन, अमेरिका, चीन और ऑस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ शामिल थे। हाल ही में उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश ले जाने की संभावनाएं तलाशी गई थीं, लेकिन उनकी अत्यंत नाजुक स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में खालिदा जिया ने देश की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका निभाई। उनके निधन से न केवल बीएनपी बल्कि पूरे बांग्लादेशी राजनीतिक परिदृश्य में शोक की लहर है।


