बीबीएन,बीकानेर। विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर राजस्थान के सरकारी और निजी विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों और शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करते हुए 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ वृक्षारोपण अभियान चलाने तथा 5 जून से 30 जून तक ग्रीन समर कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस प्रतिवर्ष 5 जून को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 2026 के लिए इसका विषय ‘जलवायु परिवर्तन’ निर्धारित किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और मिशन लाइफ (LiFE) की अवधारणा के अनुरूप विद्यार्थियों को पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाने तथा उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
30 सितंबर तक चलेगा ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान
निर्देशों के अनुसार मिशन लाइफ के तहत इको क्लबों के माध्यम से ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान का तीसरा चरण 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। विद्यालय परिसर में पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी अपने घर, खेत, सार्वजनिक स्थलों अथवा सड़क किनारे उपलब्ध स्थानों पर भी पौधारोपण कर सकेंगे। विभाग ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि वर्तमान और पूर्व अभियानों के दौरान लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, संरक्षण और निगरानी की जाए ताकि उनकी जीवित रहने की दर अधिक रहे।
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करना
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों से जोड़ा जाएगा और उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
पोर्टल पर अपलोड होगी गतिविधियों की रिपोर्ट
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि आयोजित गतिविधियों की सूचना और प्रमाण-पत्र निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। मिशन लाइफ के तहत प्रत्येक विद्यालय में नियुक्त प्रभारी शिक्षक इको क्लब की गतिविधियों का संपूर्ण विवरण संकलित कर पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिससे अभियान की प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन किया जा सके। विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का प्राथमिकता के आधार पर पालन सुनिश्चित करने और अधिकतम छात्र सहभागिता के साथ पर्यावरण संरक्षण अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।


