बीबीएन, बीकानेर। जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने स्थानीय सूक्ष्म और लघु इकाइयों को संबल प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना साझा की है। अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित एक विशेष समारोह में पचीसिया ने घोषणा की कि उनका प्राथमिक लक्ष्य शहरी क्षेत्र में बिखरी औद्योगिक इकाइयों को एक ही छत के नीचे लाकर ‘औद्योगिक क्लस्टर’ विकसित करना है। इसके लिए बीछवाल स्थित तिलम संघ की वर्षों से बंद पड़ी भूमि का उपयोग करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों उद्यमियों को लाभ मिलेगा।
समस्याओं के समाधान के लिए एकजुटता का आह्वान
समारोह के दौरान अग्रवाल समाज के उद्योगपतियों और प्रबुद्धजनों ने पचीसिया का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने मिठाई, भुजिया और पापड़ उद्योग से जुड़े निर्माताओं को संगठित करने पर बल दिया। उन्होंने आग्रह किया कि बीकानेर की पहचान बन चुके इन पारंपरिक उद्योगों को व्यापारिक चुनौतियों और विसंगतियों से निपटने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया जाए।
तिलम संघ की भूमि पर 90 इकाइयों का खाका
अपने संबोधन में द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने कहा कि बीकानेर जिला उद्योग संघ व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि बीछवाल औद्योगिक क्षेत्र में तिलम संघ का लगभग 1 लाख 32 हजार मीटर का भूखंड वर्ष 2002 से बंद पड़ा है। शासन और प्रशासन से इस भूमि के आवंटन की मांग की जा रही है। यदि यह भूमि उपलब्ध होती है, तो वहां 75 से 90 लघु औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा सकेंगी, जिससे शहर के घने क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों को आधुनिक और सुव्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
मजबूत संगठन ही सफलता की कुंजी
अग्रवाल समाज के गोपाल अग्रवाल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के लिए संगठनों का मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने सभी व्यापारियों से जिला उद्योग संघ के साथ जुड़कर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। कार्यक्रम में माणकचंद अग्रवाल, बृजमोहन अग्रवाल, सुशील बंसल, राजेन्द्र अग्रवाल और पवन पचीसिया सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में औद्योगिक विकास और क्लस्टर निर्माण की मुहिम को समर्थन देने का संकल्प लिया।



