बीबीएन,नेटवर्क। भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान राफेल की क्षमता को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने कहा है कि राफेल पाकिस्तान के J-10C और चीन के उन्नत स्टील्थ फाइटर J-35 जैसी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि विमान ने उसे सौंपी गई प्रत्येक जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाया।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन स्थित गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन के कमांडर ने एक साक्षात्कार में कहा कि राफेल की उन्नत तकनीक इसे दुनिया के सबसे सक्षम बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों में शामिल करती है। उनके अनुसार विमान में लगे एईएसए (AESA) रडार, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, लंबी दूरी तक लक्ष्य भेदने वाली मीटियर बीवीआर मिसाइल और सेंसर फ्यूजन तकनीक इसे युद्धक्षेत्र में बेहद प्रभावशाली बनाती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राफेल की लड़ाकू क्षमता पर किसी प्रकार का संदेह नहीं होना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान अपने बेड़े में चीनी मूल के J-10C लड़ाकू विमानों को शामिल कर चुका है और भविष्य में चीन से J-35 स्टील्थ फाइटर प्राप्त करने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।
वायुसेना से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि राफेल में मौजूद SCALP क्रूज मिसाइल, नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर क्षमता और उन्नत सेंसर सिस्टम इसे दक्षिण एशिया के सबसे घातक हवाई प्लेटफॉर्मों में से एक बनाते हैं। राफेल से लैस नंबर 17 स्क्वाड्रन भारतीय वायुसेना की पहली यूनिट है, जिसने इस विमान को संचालन में शामिल किया और वर्तमान में यह कई रणनीतिक अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी के इस बयान से राफेल की सामरिक क्षमता को लेकर भारतीय वायुसेना का भरोसा और मजबूत हुआ है। वायुसेना का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में राफेल भारत की हवाई शक्ति और क्षेत्रीय वर्चस्व की प्रमुख आधारशिला बना रहेगा।



