🔴 विरासत की नई उड़ान: अब ‘हेरिटेज विंग’ का हिस्सा बनेगा मिग-21
बीबीएन, नेटवर्क। भारतीय वायुसेना के स्वर्णिम इतिहास का प्रतीक रहा मिग-21 अब रिटायरमेंट के बाद भी आसमान में दिखाई देगा। 62 वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला यह सुपरसॉनिक फाइटर जेट अब Indian Air Force Heritage Wing का हिस्सा बनने जा रहा है। यह विंग वायुसेना की विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक उसके गौरवशाली इतिहास को पहुँचाने का कार्य करती है।
इंडियन एयरफोर्स ने 26 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ में आयोजित विशेष समारोह में मिग-21 को औपचारिक रूप से सेवा से विदा किया था। यह वही विमान है जिसे भारत ने 1963 में अपने पहले सुपरसॉनिक फाइटर जेट के रूप में शामिल किया था। लेकिन अब खबर आई है कि रिटायरमेंट समारोह की उड़ान मिग-21 की अंतिम उड़ान नहीं थी जल्द ही यह ऐतिहासिक विमान एक बार फिर आकाश में उड़ान भरेगा।
वायुसेना की Heritage Flight Program के तहत पुराने विमानों को प्रदर्शनी और विशेष अवसरों पर उड़ाया जाता है ताकि देश की रक्षा विरासत को जीवंत रखा जा सके। वर्तमान में इस विंग में द्वितीय विश्वयुद्ध काल के तीन विमान Havilland DH-82 Tiger Moth, T-6G Harvard और Douglas C-47 Dakota शामिल हैं। अब इनके साथ 60 से अधिक वर्षों तक सेवा दे चुका मिग-21 भी इस ऐतिहासिक बेड़े का हिस्सा बनेगा।
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, यह पहल युवा पीढ़ी को भारतीय वायुसेना की तकनीकी प्रगति और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का एक प्रयास है। हेरिटेज विंग के तहत ये विमान एयर शो, सैन्य समारोहों और राष्ट्रीय आयोजनों में देशवासियों को अपनी शानदार उपस्थिति का अहसास कराएंगे।
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