🔴 240 सैनिक दिखाएंगे दम, शहरी आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन पर खास फोकस
बीबीएन,बीकानेर: भारत और यूनाइटेड किंगडम की सेनाएँ एक बार फिर संयुक्त वार अभ्यास के लिए आमने-सामने हैं। राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में सोमवार से शुरू हुआ ‘अजेय वॉरियर-25’ का आठवाँ संस्करण 14 दिनों तक चलेगा, जिसमें दोनों देशों के 240 सैनिक आधुनिक युद्धक तकनीकों और शहरी संघर्ष की वास्तविक परिस्थितियों में प्रशिक्षण लेंगे। यह द्विवार्षिक अभ्यास 17 से 30 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
भारतीय सेना की ओर से सिख रेजीमेंट के जवान भाग ले रहे हैं, जबकि ब्रिटेन की ओर से 4th लाइट ब्रिगेड कॉम्बैट टीम की 2nd Battalion, Royal Gurkha Rifles (2 RGR) शामिल है। दोनों सेनाओं के बराबर संख्या में सैनिकों की तैनाती से संयुक्त ऑपरेशन क्षमता, तालमेल और युद्धक कौशल को उन्नत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शहरी आतंकवाद-रोधी रणनीतियों पर केंद्रित
अभ्यास का मुख्य फोकस Urban Counter-Terror Operations यानी शहरी क्षेत्रों में होने वाले आतंकवाद-रोधी अभियानों पर है। भारतीय दल के प्रभारी कर्नल नीरज बेनीवाल ने बताया कि अभ्यास यूएन जनादेश आधारित ऑपरेशन्स की रीयल-टाइम परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें
🔴सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण
🔴ब्रिगेड और कंपनी स्तर पर सामरिक समन्वय
🔴वास्तविक फील्ड मिशन
🔴आधुनिक युद्धक तकनीकों का प्रयोग जैसे महत्वपूर्ण चरण शामिल हैं।
यूके आर्मी के लेफ्टिनेंट कर्नल साइमन डाइसन ने कहा कि यह अभ्यास दोनों सेनाओं के लिए साझा अनुभव, युद्धक समझ और रणनीतिक तालमेल को गहराई देने का एक मजबूत अवसर है।
⭕भारत–यूके के पूर्व संयुक्त सैन्य अभ्यास: एक नज़र
भारत और ब्रिटेन के बीच होने वाली यह श्रृंखला सैन्य सहयोग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसकी शुरुआत 2011 में हुई थी। दोनों सेनाएँ हर दो वर्ष में एक-दूसरे के देश में यह अभ्यास आयोजित करती हैं।
अब तक हुए प्रमुख अभ्यास:
2011 (यूके): पहला संस्करण, जिसमें काउंटर-इंसर्जेंसी और जंगल ऑपरेशन पर प्रशिक्षण हुआ।
2013 (भारत): राजस्थान में आयोजित अभ्यास में हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट मिशन शामिल थे।
2015 (यूके): यूएन पीसकीपिंग मॉडल के आधार पर साझा प्रशिक्षण।
2017 (भारत): रेगिस्तानी युद्धक परिस्थितियों में रणनीतिक समन्वय पर जोर।
2019 (यूके): हाइब्रिड वॉरफेयर, साइबर सपोर्ट और अर्बन कॉम्बैट फोकस।
2021 (यूके): महामारी के बाद संयुक्त युद्धक तैयारी का पहला बड़ा अभ्यास।
2023 (भारत): अर्बन वॉरफेयर, काउंटर-टेरर और इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन पर गहरा प्रशिक्षण।
इन सभी संस्करणों का उद्देश्य सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, संचालनात्मक क्षमता, संयुक्त निर्णय-निर्माण, और ग्लोबल पीस मिशन में सहयोग बढ़ाना रहा है।
रणनीतिक महत्व
रक्षा विशेषज्ञों का मानना हैं कि रूस–यूक्रेन संघर्ष, मध्य-पूर्व की बदलती परिस्थितियों और आधुनिक युद्ध में ड्रोन, एआई तथा हाइब्रिड खतरों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ऐसे अभ्यास अत्यंत आवश्यक हो गए हैं। ‘अजेय वॉरियर-25’ से दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की रणनीतियों को समझने, संकट परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और बहु-डोमेन युद्धक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। राजस्थान की तपती रेंज से शुरू हुआ यह संयुक्त वार अभ्यास भारत–यूके सैन्य संबंधों को आने वाले वर्षों में और अधिक गहराई देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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