बीबीएन,बीकानेर। एचबी कांक्लेव 2025 के दूसरे दिन देशभर से आए युवा और वरिष्ठ डॉक्टरों ने आधुनिक जांच तकनीकों, दर्द-रहित सैंपलिंग, बोन मैरो प्रक्रियाओं और पीआईसीसी लाइन इंसर्शन जैसी महत्वपूर्ण मेडिकल स्किल्स पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। विशेषज्ञ फैकल्टी द्वारा संचालित इन वर्कशॉप्स ने प्रतिभागियों को रिपोर्टिंग की गुणवत्ता बढ़ाने, मरीजों की असुविधा कम करने और कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली विशेष तकनीकों को सटीक रूप से लागू करने के नए तरीके सिखाए। कार्यक्रम के दौरान शोध पत्र पढ़े गए और श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए चिकित्सकों का मूल्यांकन किया गया।
जांच तकनीकों में सटीकता बढ़ाने की ट्रेनिंग
कांक्लेव के मुख्य सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने डॉक्टरों को बताया कि सामान्य जांच में छूट जाने वाली त्रुटियों की पहचान कैसे की जाए और नई डिजिटल तकनीकों की मदद से रिपोर्टिंग को तेज और अधिक विश्वसनीय कैसे बनाया जा सकता है। प्रतिभागियों को स्लाइड्स और लाइव डेमो के माध्यम से अपडेटेड डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल समझाए गए।
बोन मैरो प्रक्रिया को दर्दरहित बनाने की गाइडेंस
बोन मैरो एस्पिरेशन और बायोप्सी पर आयोजित वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने समझाया कि तकनीक की सटीकता मरीज की पीड़ा और दुबारा सैंपलिंग की आवश्यकता को काफी कम करती है। डॉक्टरों को प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का सुरक्षित और सरल तरीका बताया गया।
दर्दरहित व सिंगल–अटेम्प्ट सैंपलिंग पर विशेष सत्र
नई दिल्ली से आए प्रशिक्षकों ने रेजिडेंट डॉक्टरों को एक बार में उच्च-गुणवत्ता वाला सैंपल लेने की तकनीक सिखाई। यह तरीका मरीजों के दर्द को न्यूनतम करता है और जांच के परिणामों को अधिक विश्वसनीय बनाता है।
पीआईसीसी लाइन इंसर्शन की एडवांस्ड ट्रेनिंग
ऑपरेशन थिएटर में हुई इस विशेष वर्कशॉप में ब्लड कैंसर मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी पीआईसीसी लाइन लगाने की तकनीक का लाइव डेमो दिया गया। प्रशिक्षकों ने इसकी देखभाल और संक्रमण रोकथाम के उपाय भी समझाए। यह सेवा पीबीएम अस्पताल में नि:शुल्क उपलब्ध है।
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