🔴 थार में सप्त शक्ति कमान की दमदार युद्ध तैयारियाँ
बीबीएन,बीकानेर। थार मरुस्थल स्थित महाजन फ़ील्ड फ़ायरिंग रेंज में सप्त शक्ति कमान की रणबांकुरा डिवीजन ने एक विशाल और उन्नत युद्ध अभ्यास का सफल संचालन किया, जिसमें सेना की युद्ध-तत्परता, इंटर-आर्म्स कोऑर्डिनेशन, कमान क्षमता और ड्रोन-आधारित इंटेलिजेंस का व्यापक परीक्षण किया गया।
इस अभ्यास की समीक्षा सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने की। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कठिन भू-भाग, धूल भरी हवाओं और उच्च तापमान वाले वातावरण में सेना की परिचालन दक्षता को परखना था, ताकि किसी भी वास्तविक युद्ध परिदृश्य में त्वरित, सटीक और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
अभ्यास में इंफैंट्री, मैकेनाइज्ड फोर्सेज, एयर डिफेन्स, आर्टिलरी, इंजीनियर्स, और लॉजिस्टिक्स यूनिट्स ने संयुक्त ऑपरेशंस में हिस्सा लिया। सैनिकों की सहनशक्ति, अनुशासन और हाई-इंटेन्सिटी कॉम्बैट में प्रदर्शन क्षमता का कठोर मूल्यांकन किया गया विशेष रूप से Ashni Platoons (ड्रोन्स) का इस्तेमाल कमान और नियंत्रण प्रक्रियाओं में सुधार, इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन और लक्ष्य सत्यापन के लिए प्रभावी साबित हुआ, जिसने पूरे अभ्यास को तकनीकी बढ़त प्रदान की।
एक जटिल और लगातार बदलते युद्ध परिदृश्य का अनुकरण करते हुए, अभ्यास में निर्णय क्षमता, स्थिति के अनुरूप बदलाव और त्वरित प्रतिक्रिया की रणनीतियों का परीक्षण किया गया। डिवीजन ने तेज, योजनाबद्ध और सटीक सैन्य गतियों के माध्यम से उत्कृष्ट पेशेवरिता का परिचय दिया। आर्मी कमांडर ने पूरे अभ्यास में शामिल सैनिकों की इनnovation, टीमवर्क और मिशन-केंद्रित अप्रोच की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भारतीय सेना की लगातार बढ़ती क्षमताओं और राष्ट्र की रक्षा के प्रति अडिग प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने भैरव बटालियन के जवानों से भी मुलाकात की और उनकी प्रशिक्षण गुणवत्ता तथा ऑपरेशनल रेडीनेस की खुलकर सराहना की।
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