बीबीएन,बीकानेर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि भारत आज वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेज़ी से ऊपर उठ रहा है और इस प्रगति के केंद्र में देश का श्रमिक वर्ग है। उन्होंने कहा कि 2014 में विश्व की 11वीं अर्थव्यवस्था रहे भारत ने आज चौथे स्थान पर पहुंचकर नई पहचान बनाई है, और इसमें मजदूरों के श्रम, अनुशासन और राष्ट्रभावना का बड़ा योगदान है। राज्यपाल बीकानेर के गंगाशहर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित भारतीय परिवहन मजदूर संघ के 26वें त्रैवार्षिक अखिल भारतीय अधिवेशन का शुभारम्भ करते हुए बोल रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी ने मजदूरों को एकजुट कर देशहित को सर्वोपरि रखने की विचारधारा दी। उन्होंने कहा कि संगठन तब तक टिकाऊ नहीं होता, जब तक वह स्वहित के साथ समाज और राष्ट्रहित को भी अपना मार्गदर्शक न बनाए। उन्होंने मजदूरों से आग्रह किया कि अधिकारों के समानांतर अपने दायित्वों को भी समझें, क्योंकि देश की विकास यात्रा में श्रमिक ही वास्तविक धुरी हैं।
अपने संबोधन में बागडे ने राजस्थान की गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह वीरों और संतों की भूमि है, जहां बप्पा रावल और अनेक प्रतापी योद्धाओं ने विदेशी आक्रमणकारियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने प्रदेश की भौगोलिक विविधता, जनजातीय संस्कृति व यहां के विशिष्ट भुजिया और रसगुल्ले की विश्वस्तरीय पहचान का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महामंत्री रविंद्र हिमते ने संगठन के विकास, इतिहास और वर्तमान संरचना पर प्रकाश डाला। भारतीय मजदूर परिवहन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांत सचान ने संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की दिशा पर विचार साझा किए। इस अवसर पर बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास, जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सागर, सुमन छाजेड़ सहित देशभर से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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