बीबीएन, नेटवर्क। सेना की सप्त शक्ति कमांड और BITS Pilani के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और स्वदेशी समाधान विकसित करना है। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
जयपुर मुख्यालय में हुआ समझौता
यह समझौता जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमांड मुख्यालय में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह और BITS पिलानी के ग्रुप वाइस चांसलर प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव के बीच संपन्न हुआ। दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रक्षा जरूरतों के अनुरूप होगा अनुसंधान
इस साझेदारी के तहत सेना की परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान कार्य किए जाएंगे। अकादमिक विशेषज्ञता और सैन्य अनुभव को जोड़कर आधुनिक युद्धक्षेत्र की जटिल चुनौतियों के समाधान विकसित करने पर जोर रहेगा। यह पहल रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार को गति देने के साथ-साथ देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करेगी। विशेष रूप से सप्त शक्ति कमांड के परिचालन क्षेत्रों की चुनौतियों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित किए जाएंगे।
दोनों पक्षों का भरोसा
प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा कि यह सहयोग संस्थान की राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और सेना की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित किए जाएंगे। लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य में उन्नत और स्वदेशी तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगी।



