बीबीएन, नेटवर्क। राजस्थान के सीकर ज़िले में 18 वर्षीय युवक के नाम एक-दो नहीं, पूरे सात वोटर आईडी कार्ड जारी होने से राजनीतिक हड़कंप मच गया है। सभी कार्ड पर अलग-अलग EPIC नंबर पाए गए, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। कांग्रेस ने इसे “वोट चोरी” और चुनावी सिस्टम हाईजैक बताकर बीजेपी व चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाए हैं। वहीं जांच में सामने आया कि युवक द्वारा सात बार ऑनलाइन आवेदन करने और बीएलओ की लापरवाही से यह चूक हुई। आयोग ने अब संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
डाक से एक साथ पहुंचे वोटर आईडी कार्ड
खटीक मोहल्ले निवासी भोमाराम पटवा के घर डाक से एक साथ सात वोटर आईडी कार्ड पहुंचे। सभी कार्ड पर बेटे मेघराज पटवा (18) का नाम, जन्मतिथि और पता वही था, लेकिन EPIC नंबर हर बार अलग। हैरानी की बात यह कि एक कार्ड पर फोटो भी बदली हुई थी। भोमाराम के मुताबिक, उन्होंने मई में आवेदन किया था, पर उम्र पूरी न होने पर फॉर्म खारिज कर दिया गया। जुलाई में दोबारा फॉर्म भरने के बाद सात कार्ड कैसे बन गए, यह परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था।
मेघराज का कहना है कि एसडीएम ने सभी कार्ड वापस मांगे, लेकिन वे पहले से ही यूथ कांग्रेस नेता विक्की बिवांल के पास थे। उन्होंने बताया कि उनसे एक पेपर पर हस्ताक्षर भी करवाए गए, पर दस्तावेज़ में क्या लिखा था, यह नहीं बताया गया। बिवांल ने यह मामला यूथ कांग्रेस और AICC ग्रुप में शेयर करते ही इसे सियासी रंग मिल गया। कांग्रेस ने इसे “वोट चोरी का खुला सबूत” बताते हुए बीजेपी पर सीधा हमला बोला।
आयोग ने चूक स्वीकारी
मामला तूल पकड़ते ही सीकर जिला निर्वाचन अधिकारी हरकत में आए। फैक्ट चेक में खुलासा हुआ कि मेघराज ने खुद सात बार ऑनलाइन फॉर्म-6 भर दिया था। बूथ स्तर अधिकारी (BLO) ने इन सभी आवेदनों की ठीक से जांच नहीं की और सातों को मंजूरी दे दी, जिससे सात आईडी जारी हो गए। आयोग ने इस चूक को स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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