बीबीएन, नेटवर्क। सेना अपनी मारक क्षमता को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। सेना लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे रूसी मूल के पुराने ‘ग्रैड’ रॉकेट सिस्टम को हटाकर उनकी जगह पूरी तरह स्वदेशी ‘पिनाका’ मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) रेजिमेंटों को तैनात कर रही है। सेना की दीर्घकालिक योजना के तहत पिनाका बेड़े का विस्तार कर इसे 22 रेजिमेंट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह आक्रामक कदम विशेष रूप से पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है।
44 सेकंड में 12 रॉकेट: पिनाका की विध्वंसक शक्ति
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) द्वारा विकसित पिनाका दुनिया के सबसे घातक रॉकेट लॉन्चरों में गिना जाता है। इसकी क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सिस्टम मात्र 44 सेकंड में 12 रॉकेट दाग सकता है। एक साथ दागे गए ये रॉकेट 700×500 मीटर के दायरे को पूरी तरह तबाह करने में सक्षम हैं। वर्तमान में सेना के पास पिनाका की सातवीं रेजिमेंट ऑपरेशनल हो चुकी है।
रेंज और सटीक मारक क्षमता का मेल
पिनाका की उपयोगिता उसके विभिन्न संस्करणों में छिपी है। सेना इसके तीन प्रमुख संस्करणों का उपयोग कर रही है:
Pinaka Mk-I: 38 किलोमीटर की रेंज।
Pinaka Mk-II: 60 किलोमीटर की मारक क्षमता।
Extended Range (ER) Pinaka: 75 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने में सक्षम।
इसके अलावा, यूक्रेन-रूस युद्ध से सीख लेते हुए सेना ने अब गाइडेड पिनाका पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसकी रेंज 120 किलोमीटर तक होगी। गाइडेड सिस्टम होने के कारण ये रॉकेट दुश्मन के सटीक ठिकानों को ध्वस्त करने में बेजोड़ हैं।
पिनाका के निर्माण में भारतीय निजी और सरकारी कंपनियों की भूमिका अहम है। मुनिशन्स इंडिया लिमिटेड और इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहे हैं, जबकि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो इसके लॉन्चर और कमांड पोस्ट तैयार कर रहे हैं।
भविष्य की रणनीति: एयर-लॉन्च पिनाका
DRDO अब ‘एयर-लॉन्च’ पिनाका रॉकेट पर भी काम कर रहा है। यदि इसे लड़ाकू विमानों से सफलतापूर्वक एकीकृत कर लिया जाता है, तो इसकी मारक क्षमता 300 से 400 किलोमीटर तक हो सकती है। यह तकनीक भारतीय वायुसेना और थल सेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, जिससे दुश्मन के सुरक्षित ठिकानों को और अधिक गहराई तक जाकर नष्ट किया जा सकेगा।



